Close Menu
korbalive.comkorbalive.com
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

May 13, 2026

CBSE बोर्ड ने जारी किया 12वीं का परिणाम, छात्र तुरंत करें चेक

May 13, 2026

शराब के पैसों से इनकार पड़ा भारी, नुकीले हमलों का आरोपी व्हीलचेयर पर गिरफ्तार

May 13, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, June 4
Facebook X (Twitter) Instagram
korbalive.comkorbalive.com
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
korbalive.comkorbalive.com
Home»आस्था विशेष»2 अप्रैल वीर हनुमान प्रकटोत्सव पर विशेष…
आस्था विशेष

2 अप्रैल वीर हनुमान प्रकटोत्सव पर विशेष…

nimbletech.developer@gmail.comBy nimbletech.developer@gmail.comMarch 31, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

बजरंगबली का प्रकटीकरण : अद्भुत शक्ति, अनंत भक्ति और लोकजीवन की अमर चेतना

भारतीय सनातन परंपरा में यदि किसी देवता को बल, बुद्धि, भक्ति और निर्भयता का अद्वितीय संगम माना गया है, तो वह हैं पवनपुत्र हनुमान बजरंगबली। उनका प्रकटीकरण केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि यह उस दिव्य ऊर्जा का अवतरण है जो मानव जीवन को साहस, सेवा और समर्पण की दिशा देती है। किंतु जनसामान्य के बीच प्रचलित कथाओं से परे भी उनके प्राकट्य और स्वरूप से जुड़े अनेक ऐसे रहस्य और तथ्य हैं, जो अत्यंत रोचक और कम ज्ञात हैं।
हनुमान जी का जन्म त्रेतायुग में चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ माना जाता है, जिसे आज हम “हनुमान जयंती” के रूप में मनाते हैं। उनकी माता अंजना एक अप्सरा थीं, जिन्हें श्रापवश पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ा, और पिता केसरी वानरराज थे। किंतु उनके वास्तविक प्राणदाता स्वयं पवनदेव हैं, इसीलिए उन्हें ‘पवनपुत्र’ कहा जाता है।
एक कम ज्ञात तथ्य यह है कि उनका जन्म केवल संतान प्राप्ति का परिणाम नहीं, बल्कि देवताओं की एक सुनियोजित योजना का हिस्सा था,भगवान विष्णु के रामावतार में सहयोग हेतु एक अद्वितीय शक्ति का अवतरण।एक अत्यंत रोचक प्रसंग यह है कि बाल्यकाल में हनुमान जी ने सूर्य को फल समझकर निगलने का प्रयास किया। यह केवल एक बाल लीला नहीं, बल्कि उनकी अपार शक्ति और जिज्ञासा का प्रतीक है। इसी घटना के बाद देवताओं ने उन्हें अनेक वरदान दिए, किंतु एक ऋषि के श्रापवश वे अपनी शक्तियों को भूल गए ,और यही कारण है कि उन्हें समय-समय पर उनकी शक्ति का स्मरण कराना पड़ा। यह तथ्य मानव जीवन के लिए भी एक गूढ़ संदेश है कि हम सभी के भीतर अपार क्षमता होती है, जिसे जागृत करने की आवश्यकता होती है।
कम लोगों को ज्ञात है कि हनुमान जी को ‘चिरंजीवी’ (अमर) होने का वरदान प्राप्त है। मान्यता है कि वे आज भी इस पृथ्वी पर विद्यमान हैं और जहाँ कहीं भी रामकथा या रामनाम का उच्चारण होता है, वहाँ अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। यही कारण है कि कई संतों और साधकों ने उनके साक्षात दर्शन का अनुभव होने का उल्लेख किया है।
एक अन्य अद्भुत तथ्य यह है कि हनुमान जी केवल शक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि उच्चतम ज्ञान और व्याकरण के भी आचार्य हैं। उन्होंने सूर्यदेव को गुरु मानकर समस्त वेद और शास्त्रों का अध्ययन किया। ‘हनुमान नाटकम’ और ‘सुंदरकांड’ में उनके संवादों की गहराई यह प्रमाणित करती है कि वे केवल बलवान नहीं, बल्कि अत्यंत विद्वान भी थे। संस्कृत व्याकरण के आचार्यों ने भी उनकी वाणी को आदर्श माना है।
बजरंगबली का एक और कम चर्चित स्वरूप है-‘पंचमुखी हनुमान’। यह रूप उन्होंने अहिरावण वध के समय धारण किया था, जिसमें उनके पाँच मुंह- हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव दिखाए जाते हैं। यह स्वरूप केवल शक्ति का नहीं, बल्कि पाँचों दिशाओं में सुरक्षा और संतुलन का प्रतीक है।
आधुनिक समय में भी हनुमान जी की उपासना केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से देखा जाए तो उनका स्मरण आत्मविश्वास, भयमुक्ति और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। “हनुमान चालीसा” का नियमित पाठ व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और साहस का संचार करता है—यह अनुभव आज लाखों लोग करते हैं।
इस प्रकार बजरंगबली का प्रकटीकरण केवल एक ऐतिहासिक या पौराणिक घटना नहीं, बल्कि यह उस सनातन शक्ति का प्रतीक है जो हर युग में मानवता को संकटों से उबारने के लिए प्रेरित करती है। वे हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची शक्ति केवल बाहुबल में नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, अटूट भक्ति और विनम्रता में निहित होती है।

जय हनुमंत संत हितकारी,
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।
बल, बुद्धि, विद्या देहु मोहि,
हरहु कलेश विकार सब सोई।
राम दूत अतुलित बलधामा,
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।
संकट मोचन मंगलकारी,
करो कृपा अब दीन दुखहारी॥

सुरेश सिंह बैस शाश्वत,बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
nimbletech.developer@gmail.com
  • Website

Related Posts

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

May 13, 2026

CBSE बोर्ड ने जारी किया 12वीं का परिणाम, छात्र तुरंत करें चेक

May 13, 2026

शराब के पैसों से इनकार पड़ा भारी, नुकीले हमलों का आरोपी व्हीलचेयर पर गिरफ्तार

May 13, 2026

वट सावित्री : स्त्री की आस्था, संकल्प और अमर शक्ति का पर्व

May 13, 2026

एक ओर पानी के लिए त्राहि-त्राहि, दूसरी ओर हजारों लीटर पानी की बर्बादी

May 13, 2026

उच्च शिक्षा के समग्र विकास पर राज्यपाल रमेन डेका एवं अटल विवि के पूर्व कुलपति आचार्य बाजपेयी के बीच सार्थक चर्चा

May 13, 2026

Comments are closed.

पोस्ट

मजाक बना खूनी खेल: गाली देने से रोका तो युवक पर ताबड़तोड़ चाकू हमला, आरोपी गिरफ्तार

May 13, 2026

CBSE बोर्ड ने जारी किया 12वीं का परिणाम, छात्र तुरंत करें चेक

May 13, 2026

शराब के पैसों से इनकार पड़ा भारी, नुकीले हमलों का आरोपी व्हीलचेयर पर गिरफ्तार

May 13, 2026

वट सावित्री : स्त्री की आस्था, संकल्प और अमर शक्ति का पर्व

May 13, 2026
पोस्ट कैलेंडर
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
« May    
Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.