बिलासपुर 7 मई 2026/ आई जी राम गोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज के द्वारा पुलिस अधिकारियों लिए अपराध/मर्ग की विवेचना हेतु डीएनए एवं जैविक/भौतिक साक्ष्य संकलन एवं परीक्षण विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का ऑन लाईन आयोजन पुलिस महानिरीक्षक मीटिंग हाल में किया गया। कार्यशाला में भोजराम पटेल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली, विवेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक आईजी कार्यालय बिलासपुर रेंज की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ आई जी राम गोपाल गर्ग ने किया। जिसमें अपराध विवेचना के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार के प्रकरणों में जप्त प्रदर्शो का डीएनए एवं जैविक/भौतिक साक्ष्य संकलन, परीक्षण किया जाना होता है, जिस पर विवेचकों के द्वारा प्रदर्शों की जप्ती, सेंम्पलिंग के दौरान प्रकियात्मक त्रुटि की समीक्षा की जा रही है जिससे परीक्षण रिपोर्ट निष्क्रिय प्राप्त होने से आरोपी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है तथा वे दोषमुक्त हो जाते हैं।न्यायालयिक डी.एन.ए. न केवल दोषियों को सजा दिलाने में मदद करता है, बल्कि निर्दोष व्यक्तियों को झूठे आरोपों से मुक्त करने में भी एक शक्तिशाली माध्यम है। इसे आधुनिक न्याय प्रणाली का गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है। कार्यशाला के दौरान डॉ. प्रियंका लकड़ा एवं डॉ. स्वाति कुजूर वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा डीएनए एवं जैविक/भौतिक साक्ष्य संकलन, परीक्षण पर विभिन्न टॉपिक्स पर प्रकाश डाला गया। डी.एन.ए. को न्याय का ब्लूप्रिंट कहा जाता है क्योंकि यह एक निर्णायक वैज्ञानिक उपकरण के रूप में कार्य करता है। यद्यपि मानव डी.एन.ए. का 99.9 प्रतिशत हिस्सा सभी में समान होता है।
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