बिलासपुर 23 मार्च 2026/पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च को सायं पांच बजे से विवेकानंद उद्यान में *जल संगोष्ठी 2026* का आयोजन किया गया। समिति के संरक्षक डॉ विनय कुमार पाठक कुलपति थावे विद्यापीठ की अध्यक्षता,एस एस डी बडगैंया आई एफ एस के मुख्य आतिथ्य, हेमंत कुमार गौर के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विचार काव्य गोष्ठी एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।प्रारंभ में छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना एवं जल संरक्षण पर संगीतमय नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति राम निहोरा राजपूत द्वारा की गई।समिति के अध्यक्ष डाॅ विवेक तिवारी ने जानकारी दी कि समिति द्वारा विगत 30 वर्षो से पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता हेतु विभिन्न आयोजन किए जाते रहें हैं इसी तारतम्य में विश्व जल दिवस पर आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने हेतु इस जल संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।इस अवसर पर मुख्य अतिथि एस एस डी बडगैंया आई एफ एस ने कहा कि जल है तो कल है। प्रकृति का मूल संचालन जल ही है क्योंकि उसी से सृष्टि का सृजन हुआ है । हम सभी समाजिक दायित्व का निर्वहन करें। आसपास यदि जल व्यर्थ बह रहा है उसे बहने से रोके। हम संकल्प लें वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाने का क्योकि जल को हम बना नहीं सकते पर बचा सकते हैं। असली जल संरक्षक वन होते हैं। वे ही जल का संचयन संवहन करते हैँ। उन्होंने समिति द्वारा जल संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए जन जागृति का अभियान बनाने की आवश्यकता बताई । अध्यक्षीय उदबोधन में डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार ने कहा कि जल संरक्षण आज की आवश्यकता है ताकि आज और कल अर्थात भविष्य सुरक्षित रह सके । बिन पानी सब सून इसीलिए कहा गया है। हमें जल का सही उपयोग करना चाहिए न कि उसे बर्बाद करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि हेमंत कुमार गौर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए काव्य पाठ किया।इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत समिति के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धति की जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने किया । शीतल प्रसाद पाटनवार के संचालन में जल संरक्षण एवं पर्यावरण पर केन्द्रित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। अतिथियों द्वारा काव्य पाठ के सहभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। आभार प्रदर्शन डाॅ शत्रुघन जेसवानी ने किया। इस अवसर पर डाॅ विवेक तिवारी, डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे, सनत तिवारी, डाॅ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, राम निहोरा राजपूत, शीतल प्रसाद पाटनवार, डाॅ शत्रुघन जेसवानी, विक्रम धर दीवान, मोहन सोनी, राजेश कुमार सोनार, दिनेश्वर राव जाधव, रीना झा ,पूर्णिमा तिवारी, रेणु वाजपेयी नलिनी, अरविंद वाजपेयी, डाॅ सत्येन्द्र तिवारी, सलीम भाई, राजेश वस्त्रकार, डाॅ भूपेन्द्र धर दीवान, सुखेन्द्र श्रीवास्तव, विजय पाण्डेय, जे के शर्मा, जयंत श्रीवास्तव ने विचार एवं काव्य गोष्ठी में भाग लिया।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.


