Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Author: nimbletech.developer@gmail.com
सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी बिलासपुर की पहचान रही अरपा नदी आज अपने अस्तित्व के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। कभी “अंतःसलिला” के रूप में जीवनदायिनी रही यह नदी आज दोहरी मार—प्रदूषण और जलकुंभी—के बोझ तले कराह रही है। दोमुहानी से शिवघाट तक फैली जलकुंभी केवल हरियाली नहीं, बल्कि एक गंभीर पारिस्थितिक संकट का संकेत है। अरपा का उद्गम मैकल पर्वत की वनांचल वादियों से होता है। यह नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि सदियों से जनजीवन, आस्था और अर्थव्यवस्था की धुरी रही है। 147 किलोमीटर की अपनी यात्रा में यह अनेक गांवों और कस्बों को…
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” विश्व हास्य दिवस प्रतिवर्ष मई माह की 3 तारीख को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस का प्रथम आयोजन 11 जनवरी 1998 को मुंबई में किया गया था। विश्व हास्य योग आंदोलन की स्थापना का श्रेय भारतीय चिकित्सक डॉ. मदन कटारिया को जाता है। हास्य योग के अनुसार, हँसी एक सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है, जो व्यक्ति को ऊर्जावान बनाती है और संसार को शांतिपूर्ण बनाने के सभी तत्व अपने भीतर समेटे होती है। विश्व हास्य दिवस का उद्देश्य विश्व में शांति स्थापित करना तथा मानव मात्र में भाईचारा और सद्भाव बढ़ाना है। आज…
बिलासपुर। आज की तेज़ रफ्तार और जिम्मेदारियों से भरी जीवनशैली में मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और असंतुलन आम समस्या बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में राजयोग ध्यान एक प्रभावी उपाय के रूप में उभरकर सामने आ रहा है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक सोच की ओर ले जाता है। बिलासपुर स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड, राजयोग भवन में आयोजित एक विशेष सत्र में ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके स्वाती ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति बाहरी उपलब्धियों की दौड़ में भीतर की शांति खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान केवल एक साधना नहीं,…
बिलासपुर। साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित संस्था ‘प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़’ का वार्षिक अधिवेशन, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह रविवार, 3 मई 2026 को आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम शासकीय जे.पी. वर्मा महाविद्यालय, जरहाभाठा के सभागार में सांय 06:00 बजे से होगा। प्रमुख अतिथि एवं अध्यक्षता: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्यामलाल निराला (प्राचार्य), डॉ. पं. श्रीधर गौरहा, शिव प्रताप साव, विष्णु कुमार तिवारी, संतूलाल सोनकर एवं कु. आकांक्षा…
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर। जिले में रेत माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। हाल ही में लोरमी क्षेत्र में सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत का भंडारण और परिवहन सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग की मिलीभगत या लापरवाही के चलते यह पूरा नेटवर्क बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, डंपर और ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत को नदियों से अवैध रूप से निकाला जा रहा है और उसे खुले स्थानों पर बड़े-बड़े ढेरों के रूप में जमा किया जा रहा है। यह…
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर। रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी सौगात के रूप में उसलापुर स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत स्टेशन की सेकेंड एंट्री को अत्याधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही और सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। रेल प्रशासन द्वारा बताया गया कि इस नए प्लेटफॉर्म विकास कार्य के अंतर्गत स्टेशन परिसर का नवीनीकरण, यात्री प्रतीक्षालयों का उन्नयन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक टिकट काउंटर और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं। योजना के तहत स्टेशन को न केवल सुविधाजनक बनाया जाएगा बल्कि…
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” भारतीय परंपरा में नारद का व्यक्तित्व अत्यंत अद्वितीय और बहुआयामी माना गया है। वे केवल एक ऋषि या देवदूत ही नहीं, बल्कि संचार, सूचना और लोकजागरण के प्रथम प्रेरक के रूप में भी प्रतिष्ठित हैं। आज जब हम आधुनिक पत्रकारिता को लोकतंत्र का “चौथा स्तंभ” कहते हैं, तब यह स्मरण करना समीचीन है कि इस आदर्श की जड़ें हमारे प्राचीन सांस्कृतिक इतिहास में ही विद्यमान हैं, और उसके सर्वश्रेष्ठ प्रतीक देवर्षि नारद हैं। आधुनिक युग में शासन-प्रणालियाँ चाहे लोकतांत्रिक हों, राजशाही हों या सैन्य शासन सभी में शक्ति का केंद्रीकरण होता है। ऐसे में पत्रकारिता एक…
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) क्षेत्र के गांवों में वर्षों से लंबित विस्थापन प्रक्रिया अब तेजी पकड़ चुकी है। 171 परिवारों के पुनर्वास के लिए जमीन चिन्हांकन से लेकर आवास निर्माण तक के कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष ये परिवार अपने नए घरों में दीपावली का त्योहार मनाएं। पीसीसीएफ के निर्देश के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यों की समीक्षा की और निर्माण एजेंसियों को तय समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। पहले चरण में गांव बिरारपानी, चीरहट्टा ,तिलई डबरा के 93 परिवारों को स्थानांतरित किया…
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहरवासियों को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पुराने बस स्टैंड परिसर में बन रही अत्याधुनिक मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे अगले माह तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसके शुरू होते ही शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या और ट्रैफिक दबाव में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत लगभग साढ़े दस हजार वर्गफुट क्षेत्र में चार मंजिला ऑटोमेटेड शटल टाइप पार्किंग बनाई जा रही है। ग्राउंड फ्लोर पर बाइक पार्किंग की…
सुरेश सिंह बैस बिलासपुर शहर के पुराने मधुबन रोड पर स्थित कंवर राम श्मशानघाट आज अपनी दुर्दशा की कहानी स्वयं बयान कर रहा है। यह वह स्थान है, जहां जीवन का अंतिम सत्य साकार होता है, लेकिन विडंबना देखिए कि स्वयं यह स्थल ही उपेक्षा और अव्यवस्था की चपेट में है। जर्जर होती व्यवस्था, बढ़ती परेशानियां श्मशानघाट में स्थापित आधुनिक शवदाह गृह, जो कभी सुविधा और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से लगाया गया था, अब जंग और अनदेखी का शिकार हो चुका है। आसपास के मोहल्लों के लोग आज भी यदा-कदा अंतिम संस्कार के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें…
